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शनिवार, 3 सितंबर 2016

10:29:00 am

सबसे बड़ा कब्रिस्तान, रोज 200 लोग होते है दफन

सबसे बड़ा कब्रिस्तान, रोज 200 लोग होते है दफन

नई दिल्ली। कब्रिस्तान, ये एक ऐसी जगह है जहां मरने वालों को दफना जाता है। आज आपको दुनिया के सबसे बडे कब्रिस्तान के बारे में बताने जा रहे है। इराक का वादी अल सलाम कब्रिस्तान सबसे बडा कब्रिस्तान है जिसमें 50 लाख लोग दफन है। नजफ में स्थित ये कब्रिस्तान पीस वैली के नाम में जाना जाता है।

यहां पर आतंकी हमले इतने ज्यादा बढ़ रहे हैं कि हर रोज 200 लोगों को दफनाया जा रहा है। इस कब्रिस्तान में अभी तक 50 लाख शिया मुस्लिमों को दफन किया जा चुका है। आईएसआईएस का आतंक बढऩे के बाद यहां रोज होने वाली मौतों की संख्या दोगुनी हो गई। ये इतना विशाल है कि हर साल लाखों लोग सिर्फ इस कब्रिस्तान को देखने आते हैं।

आईएसआईएस से पहले यहां हर साल 80 से 120 लोगों को दफनाया जाता था। लेकिन, अब रोज 150 से 200 लोगों को दफनाया जाता है। खास बात ये है कि ये कब्रिस्तान केवल इराक के लोगों के लिए ही नहीं है। इस कब्रिस्तान में मकबरा भी बना है। आईएसआईएस से मुकाबला होने से पहले लड़ाके यहां जरूर आते हैं। ये लोग मन्नत मांगते हैं कि अगर जंग में उनकी मौत हो जाए तो उन्हें यहीं दफनाया जाए।

दुनियाभर के शिया अपनों को दफनाने के लिए यही जगह पसंद करते हैं। इन कब्रों को इंटों, प्लास्टर और कैलिग्राफी से सजाया जाता है। कुछ कब्रों से उसमें दफन शख्स की हैसियत का भी पता चलता है।

10:22:00 am

43की महिला,दिल आया19के लडके पर,अंजाम भयानक

43की महिला,दिल आया19के लडके पर,अंजाम भयानक

43की महिला,दिल आया19के लडके पर,अंजाम भयानक
रायकोट। लुधियाना के रायकोट में एक 19 वर्षीय लडके ने 43 वर्षीय महिला के अत्याचारों से तंग आकर आत्महत्या कर ली। दरअसल इस महिला के मृतक के साथ अवैध संबंध थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 वर्षीय मृतक का नाम हरजिंदर सिंह उर्फ हैप्पी था।
10:15:00 am

पर्स में ना रखें ये 5 चीजें, वरना हो जाओगे कंगाल

पर्स में ना रखें ये 5 चीजें, वरना हो जाओगे कंगाल



पैसों से जुडी समस्याओं को दूर करने के लिए शास्त्रों के अनुसार कई कार्य और नियम बताए गए हैं। इन नियमों का पालन करने पर व्यक्ति के जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं रहती है। सामान्यत: सभी के पास पर्स अवश्य ही रहता है। पर्स और हमारी आर्थिक स्थिति का गहरा संबंध है। वास्तु के अनुसार पर्स में ऐसी वस्तुएं हरगिज न रखें जो नकारात्मक ऊर्जा को संचारित करती हैं। पर्स में किसी भी प्रकार के बिल या भुगतान से संबंधित कागज नहीं रखने चाहिए। इसके साथ ही पर्स में किसी भी प्रकार की अपवित्र वस्तु भी न रखें। जो वस्तुएं फिजूल हैं, जिनका कोई उपयोग नहीं है उन वस्तुओं को तुरंत ही पर्स से बाहर कर देना चाहिए। 

1. पर्स में किसी भी प्रकार के बिल या भुगतान से संबंधित कागज नहीं रखने चाहिए।

2. कुछ लोग पर्स में ही चाबियां भी रखते है, चाबियां रखना भी अशुभ ही माना जाता है। इन्हें भी रुपए-पैसों से अलग ही रखना चाहिए।


3. पर्स में कभी भी कोई अश्लील चित्र या अन्य अश्लील सामग्री भी नहीं रखना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से पर्स की बरकत खत्म हो जाती है और जीवन में नकारात्मकता बढने लगती है।

4. पर्स में मृत व्यक्तियों के चित्र रखना भी शुभ नहीं माना जाता है अत: इस प्रकार के चित्रों को भी पर्स में नोटों के साथ नहीं रखें। 

5. पर्स में कभी भी रुपयों के साथ कोई बिल-रसीद या टिकट ना रखे इससे विवाद बढता है।



10:09:00 am

यहां सोने से जल्द हो सकता है विवाह

           यहां सोने से जल्द हो सकता है विवाह



इस महंगाई में खुशियों का आशियाना बनाना महंगाई से भी महंगा है। इस बात में कोई दोराय नहीं पर आप अपने आशियाने को अगर वास्तु के लिहाज से बनाएं तो खुशियां और बरकत आपके आशियाने को और भी सुहाना बना बना सकतीं है। 

1. जमीन कही भी हो और अगर चौकोर, आयताकार, गोल, तिकोनी, तिरछी, पूर्व से कटी, नैऋत्य में बडी या वायव्य में बडी हो, अग्निकोण बडा हो, ऎसी जमीन मुफ्त में भी मिले तो त्यागने योग्य है। 

2. ईशान यानी पूर्व-उत्तर दिशा वाला भाग बडा होना चाहिए। जमीन का ढलान पूर्व-उत्तर में हो तो शुभ रहेगा। दक्षिण-पश्चिम में ढलान नहीं होना चाहिए। ईशान कोण में मुख्य दरवाजा ठीक नहीं रहता। ईशान में शौचालय भी बर्बादी का कारण बनता है। स्त्रान घर हो तो चल जाएगा। 

3.सीढियो के नीचें मंदिर नहीं होना चाहिए। अमूमन जगह के उपयोग को देखते हुए ऎसे अधिकांश घरों में मंदिर बना लेते हैं, जो गलत है। आग्नेय कोण में रसोई घर होना शुभ रहता है। 

4. आग्नेय-पश्चिम में शौचालय रखें। बडे-बुजुगों को सोने का स्थान नैऋत्य में होना चाहिए। अविवाहितों को वायव्य दिशा ( जहां से वायु घर में प्रवेश करती है) में सुलाएं तो विवाह शीघ्र हो। पढाई का स्थान उत्तर-पूर्व में हो व पूर्व या उत्तर की तरह मुंह कर बैठे शुभ रहेगा। सुदृढ़ आर्थिक स्थिति के लिए उत्तर में अलमारी या तिजोरी होना चाहिए। 

5. उत्तर दिशा में पानी रखना शुभ होता है। आग्नेय में पानी या बोरिंग नहीं होना चाहिए। कोई भी कमरा तिरछा नहीं होना चाहिए। उत्तर-पूर्व में बगीचा शुभ रहेगा। वहीं दक्षिण-पश्चिम में शुभ नहीं रहता। आग्नेय में देवालय व ईशान में रसोई बर्बादी का कारण बनता है।

10:06:00 am

यहां पानी की जगह निकलता है खून, ये है रहस्य!

यहां पानी की जगह निकलता है खून, ये है रहस्य!



यह सच है अंटार्कटिका की मैक-मरडो की घाटी स्थित टॉयलेर ग्लेशियर में एक ऐसा वाटरफॉल है, जिससे बहने वाले पानी का रंग खून के जैसा गाढ़ा लाल है। इस वाटरफॉल का नाम इसी कारण से ब्लड फॉल पड़ गया।

इस वाटरफॉल को देखने के लिए सैलानियों की भीड़ नहीं उमड़ती है, क्योंकि उनका मानना है कि यहां कोई आत्मा निवास करती है, जो लोगों को मार देती है, जिसके कारण इसका रंग लाल है।

इस वाटरफॉल को देखने के लिए सैलानियों की भीड़ नहीं उमड़ती है, क्योंकि उनका मानना है कि यहां कोई आत्मा निवास करती है, जो लोगों को मार देती है, जिसके कारण इसका रंग लाल है।

टॉयलर ग्लेशियर की खोज 1911 में अमरीकी जीव विज्ञानी ग्रिफिथ टॉयलर ने की थी। यह ब्लड फॉल पांच मंजिला इमारत जितना ऊंचा है। इसके पानी में 17 प्रकार के सूक्ष्म जीव पाए जाते हैं।

जीव विज्ञानियों के मुताबिक, ग्लेशियर के नीचे बहने वाली झील जमकर ग्लेशियर में तब्दील हो गई और ग्लेशियर में दरार पडऩे से पानी धीरे-धीरे बहता रहता है और पानी में मौजूद आयरन ऑक्साइड हवा के संपर्क में आकर लाल रंग का हो जाता है, जिससे पानी का रंग खून जैसा दिखता है।
9:41:00 am

आज़म खान ने अपनी ही कौम को दी गाली कहा 80% मुसलमान कुत्ते होते हैं

आज़म खान ने अपनी ही कौम को दी गाली कहा 80% मुसलमान कुत्ते होते हैं


उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार के कद्दावर नेता आज़म खान को लगता है सुर्ख़ियों में रहने की आदत सी हो गयी हो। चाहे वो उनके बेतुके बयानों से हो या उनकी चोरी हुए भैंसों के कारण हो।
आज़म खान अपने इस बेतुके अंदाज़ से बाज़ नहीं आते। हुआ कुछ यूँ की बुलंदशहर के श्याना में किसी कार्यक्रम में पहुचे आज़म खान ने पास में लगा कही ऐमिम पार्टी के नेता असद्दुदीन ओवैसी का पोस्टर देख लिया और फिर उनके बारे में जमकर भड़ास निकलने लगे, उन्होंने कहा कि ओवैसी आरएसएस और बीजेपी का एजेंट है जो चुनावों में वोट काटने की राजनीती करता है और बीजेपी इसके लिए उसे अछि कीमत भी देती है।
इतना ही नहीं ओवैसी याक तो बात ठीक थी , वो इसके आगे भी नहीं रुके। उन्होंने कहा “80 प्रतिशत मुसलमान कुत्ते हो चुके है, वो ना तो रोज़े रखते है और ना ही सच बोलते है। क्योंकि जो मालिक का नहीं वो कुत्ते से भी बदतर है।”

9:36:00 am

बलोची मुस्लिम करते हैं हिंगलाज माता की पूजा, मंदिर को बचाने के लिए दे चुके हैं कई बार कुर्बानी

बलोची मुस्लिम करते हैं हिंगलाज माता की पूजा, मंदिर को बचाने के लिए दे चुके हैं कई बार कुर्बानी

बलोची मुसलमान करते हैं हिंगलाज माता की पूजा, मंदिर को बचाने के लिए दे चुके हैं कई बार कुर्बानी : वर्षों से पाकिस्तानी हुकूमत बलूचिस्तान में रहने वाले लोगों पर जुल्म करती आई है । कुदरत का खज़ाना कहे जाने वाले बलोचिस्तान को तो पाकिस्तान ने जमकर लूटा परंतु वहाँ के लोगों को बहोत पीढ़ा दी । पाकिस्तान के सबसे बड़े राज्य होने के बावजूद बलोचिस्तान पे ढेरों जुल्म किए गए । परंतु अब बलोचिस्तान के नेताओं के लिए एक नयी उम्मीद खिल उठी है , भारत की नरेंद्र मोदी सरकार ने उनकी मदद का आश्वासन दिया है और यही नहीं बल्कि भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी ने तो लाल किले की प्राचीर से खड़े होकर वहाँ के लोगों का अभिनंदन किया ।
आपको ये बात जानकार हैरानी होगी की 51 शक्तिपीठों में से एक हिंगलाज माता का मंदिर बलूचिस्तान में है ।  पौराणिक हिन्दू गाथाओं की मानें तो  यहां सती का सिर गिरा था। इसके बावजूद भारत में भक्त हिंगलाज शक्ति पीठ के दर्शन के लिए तरसते हैं।
पाकिस्तान के मशहूर लेखक तरेक फतह की माने तो कई बार पाकिस्तानी हुकूमत ने इस मंदिर को तबाह करने की कोशिश की परंतु कई बलूच लोगों ने अपनी कुर्बानी देकर इस मंदिर को बचाए रखा ।
ये मंदिर पाकिस्तान के कराची के पश्चिम में 250 किलोमीटर दूर हिंगोल नदी के किनारे स्थित है। सूना सा दिखने वाला ये शक्तिस्थल भारत में होता तो यकीन मानिए यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा होता, क्योंकि इसकी गाथा शिव की पत्नी सती से जुड़ी हुई है। इस कथा के अनुसार अपने पिता के द्वारा शिव का अपमान होने पर सती ने यज्ञकुंड में कूद कर जान दे दी थी। इस पर नाराज शिव सती के शरीर लेकर सारे लोकों को तहस-नहस करने निकल पड़े। उनका गुस्सा शांत करने के लिए भगवान विष्णु ने सती के 51 टुकडे कर दिए। जिन स्थानों पर सती के अंग गिरे वे शक्तिपीठ कहलाए।
ये मंदिर पाकिस्तान के कराची के पश्चिम में 250 किलोमीटर दूर हिंगोल नदी के किनारे स्थित है। सूना सा दिखने वाला ये शक्तिस्थल भारत में होता तो यकीन मानिए यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा होता, क्योंकि इसकी गाथा शिव की पत्नी सती से जुड़ी हुई है। इस कथा के अनुसार अपने पिता के द्वारा शिव का अपमान होने पर सती ने यज्ञकुंड में कूद कर जान दे दी थी। इस पर नाराज शिव सती के शरीर लेकर सारे लोकों को तहस-नहस करने निकल पड़े। उनका गुस्सा शांत करने के लिए भगवान विष्णु ने सती के 51 टुकडे कर दिए। जिन स्थानों पर सती के अंग गिरे वे शक्तिपीठ कहलाए।
हर साल यहां 22 अप्रैल से हिंगलाज तीर्थ यात्रा होती है, इसमें गिने-चुने तीर्थयात्री भारत से भी पहुंचते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को पाकिस्तान से वीजा मिल पाता है। ज्यादातर भीड़ पाकिस्तान के थरपारकर जिले से आती है, जहां सबसे ज्यादा हिंदू आबादी है। तीर्थयात्रा के पहले चरण में श्रद्धालु 300 फुट ऊंचे ज्वालामुखी शिखर पर-चंद्र गूप ताल के दर्शन करते हैं। इस ताल का रिश्ता भगवान राम से भी बताया जाता है।
चंद्र गूप ताल की भभूत लेने के बाद श्रद्धालु ज्वालामुखी शिखर से नीचे उतर कर, 35 किमी दूर किर्थार पहाड़ों की तलहटी में स्थित मुख्य हिंगलाज देवी मंदिर के दर्शन करते हैं। माना जाता है कि इस शक्ति पीठ के दर्शन किए बगैर किसी भी हिंदू तीर्थ का दर्शन पूरा नहीं होता है।
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