loading...

Top post view

गुरुवार, 13 अप्रैल 2017

3:54:00 pm

बृहस्पति देव की पूजा अर्थ और लाभ

देवगुरु बृहस्पति की आराधना से मनोवांछित वरदान मिलता है इसलिए ऐसे जातक जिनकी शादी नहीं हो रही हो, उन्हें अथवा जिनका अपने जीवन साथी से सामंजस्य नहीं बनता हो, उन्हें भी गुरु को प्रसन्न रखने की हिदायत दी जाती है। इसी क्रम में आज हम देवगुरु बृहस्पति से संबंधित मंत्र, पूजा पद्धति और उन्हें प्रसन्न करने के अन्य उपायों को जानेंगे। शास्त्रों में बृहस्पति को देवगुरु माना गया है।
बृहस्पति यानि गुरु बुद्धि, ज्ञान और विद्या के देवता। ------- ज्योतिष विज्ञान के अनुसार बृहस्पति यानि गुरु बुद्धि, ज्ञान और विद्या के देवता हैं। यह गुण ही किसी व्यक्ति के चरित्र, व्यक्तित्व और भाग्य को नियत करते हैं। ------- किसी व्यक्ति का सुंदर, सात्विक, धार्मिक और आध्यात्मिक होना गुरु के शुभ होने के कारण ही होता है। दाम्पत्य सुख भी गुरु की अच्छे या बुरे योग पर निर्भर रहते हैं।
यहीं नहीं जब व्यक्ति पूरे प्रयास और समय देकर भी अगर कामयाबी से दूर रहता हो, तब ऐसे वक्त नसीब का निर्णायक भी गुरु ही होता है। इस तरह गुरु बृहस्पति की पूजा से विद्या, ज्ञान प्राप्ति के साथ भाग्य बाधा खत्म हो जाती है। ------ जब किसी व्यक्ति को हर मनचाहा सुख मिलता है, तब वह स्वयं को खुशकिस्मत मानता है। किंतु थोड़ा ही कष्ट मिलने पर वह स्वयं की किस्मत को कोसने लगता है। तब वह उनसे छुटकारे के लिए तरह-तरह से धार्मिक उपायों को अपनाता है। किंतु कोई भी व्यक्ति दैनिक देव उपासना से ऐसी बदकिस्मती और परेशानियों से दूर रह सकता है।

गुरुवार का दिन बृहस्पति आराधना के लिए नियत है। --------इस दिन सुबह नित्यकर्मों से निवृत होकर सर्वप्रथम स्नान करें। पीले वस्त्र पहनें। ------------- पीला वस्त्र पर गुरु बृहस्पति की प्रतिमा को रखकर देवगुरु चार भुजाधारी मूर्ति का पंचामृत स्नान यानि दही, दूध, शहद, घी, शक्कर कराएं। स्नान के बाद गंध, अक्षत, पीले फूल, चमेली के फूलों से पूजा करें l
1:07:00 pm

300 किलोग्राम की थी ये लड़की, वजन घटाकर अब दिखती है ग्लैमरस

कहते हैं ना कि अगर आप ठान लें तो कुछ भी मुश्किल नहीं होता, कुछ ऐसा ही कर दिखाया है एंबर राच्डी़ ने.  24 साल की उम्र तक एंबर का वजन सामान्य से बहुत ज्यादा था. उनका वजन लगभग 300 किलोग्राम हो चुका था और वो अपना कोई भी काम करने में असमर्थ थीं. हर काम के लिए उन्हें अपने पेरेंट्स और ब्वॉयफ्रेंड राउडी पर डिपेंड रहना पड़ता था. लेकिन अब एंबर का वजन सामान्य हो गया है. वो अब एकदम फिट दिखती हैं. जानें एंबर ने कैसे किया ये काम.
एंबर एक सामान्य लड़की की तरह नहीं थीं, उनका वजन बहुत ज्यादा था. इतना ज्यादा कि वो अपने रुटीन के काम भी नहीं कर पाती थीं. उनकी स्किन के बीच आने वाले फोलड्स में उन्हें इंफेक्शन होने लगा था जिसे वो किसी लंबे ब्रश से ही साफ कर सकती थी. ना तो वो कोई काम कर पाती थीं ना ही ठीक से चल फिर पाती थी. जिसके चलते वो घर से बाहर भी बहुत कम जाती थीं. (तस्वीरें- इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब)
अपनी सर्जरी के लिए एंबर को ह्यूस्टन जाना था तो वो कार में नहीं बैठ सकती थी और प्लेन में भी उनके लिए दो सीट बुक करवाई गईं. वो पहली बार अपने डॉक्टर नोवजाराडन से मिलीं. उनके डॉक्टर ने उनका इलाज करने से मना कर दिया. लेकिन एंबर अपना वजन कम करने का फैसला कर चुकी थीं. अपने डॉक्टर को राजी करने के लिए एंबर को अपना लगभग 10 किलो (20 पाउंड) वजन कम करना था. 

बुधवार, 12 अप्रैल 2017

12:06:00 pm

THE STORY OF BHARTIYE SPY :नेवी की नौकरी से पाक में फांसी की सजा तक, पढ़ें कुलभूषण की पूरी कहानी

नेवी की नौकरी से पाक में फांसी की सजा तक, पढ़ें कुलभूषण की पूरी कहानी

पाकिस्तान में भारतीय जासूस होने के आरोप में मार्च 2016 में गिरफ्तार हुए कुलभूषण जाधव को मौत की सजा सुनाई गई है. पाकिस्तान की इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के मुताबिक फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल ने जाधव को मौत की सजा सुनाई और पाक आर्मी चीफ ने इसकी पुष्टि भी कर दी यानी जाधव को 90 दिन के भीतर फांसी की सजा दी जानी है.

आईएसपीआर ने पिछले साल एक वीडियो जारी किया था जिसे उसने जाधव का कबूलनामा बताया था. जाधव को इसी कबूलनामे के आधार पर पाक उसे भारतीय जासूस बता रहा है जबकि भारत ने साफ कर दिया है कि जाधव नौसेना में जरूर था लेकिन वो ये नौकरी छोड़कर ईरान से व्यापार करने लगा था और पाक एजेंसियों ने उसका वहीं से अपहरण किया है.

कुलभूषण के कबूलनामे की पाक की कहानी 
पाक का दावा है कि कुलभूषण जाधव भारतीय नौसेना में सेवारत अफसर है और कमांडर है. वो नौसेना के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट से है और उसका कवर नाम हुसैन मुबारक पटेल था जो उसने भारतीय एजेंसियों के लिए खुफिया जानकारियां जुटाने के लिए अपनाया था. पाक का दावा है कि कुलभूषण ने 1987 में नेशनल डिफेंस अकेडमी जॉइन की और उसके बाद जनवरी 1991 में उसने इंडियन नेवी में नौकरी शुरू की. दिसंबर 2001 में जब संसद पर हमला हुआ तो कुलभूषण ने अपनी सेवाएं खुफिया सूचनाएं जुटाने के लिए देना शुरू कर दीं. पाक दावा कर रहा है कि कुलभूषण मुंबई में रहता है और अब भी वह नौसेना में सेवारत अफसर है जो 2022 तक रिटायर होगा.

जाधव ने लिया था रॉ के ज्वाइंट सेक्रेटरी का नाम
पाक का कहना है कि जाधव ने ईरान के चाबाहार में एक छोटा बिजनेस शुरू किया था वो इसी मकसद से किया गया था ताकि वो भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के लिए काम कर सके. जाधव 2003 और 2004 में रॉ के मिशन को पूरा करने के लिए कराची भी आया था. पाक ने जो कबूलनामा जारी किया है उसके मुताबिक जाधव 2013 में रॉ द्वारा चुना गया और तब से वो बलूचिस्तान और कराची में एजेंसी से लिए कई मिशन पूरे कर चुका है. वीडियो में जाधव कहता दिख रहा है कि वो रॉ में संयुक्त सचिव अनिल कुमार गुप्ता को सीधे रिपोर्ट करता है और गुप्ता के पाक खासकर बलूचिस्तान छात्र संगठन में अच्छे कॉन्ट्रैक्ट हैं.

ईरान से पाक में घुसते वक्त गिरफ्तार हुआ
वीडियो में कुलभूषण के हवाले से कहा जा रहा है कि भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ बलूच आंदोलन को फाइनेंस कर रही है और इन आंदोलनकारियों की मदद से पाकिस्तान में देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रही है जिससे पाकिस्तानी नागरिकों की जानमाल का नुकसान हो रहा है. कुलभूषण ने इस कथित कबूलनामे में अपने पकड़े जाने की भी कहानी बताई. उसने कहा कि वो 3 मार्च 2016 को सरावान सीमा से ईरान से पाक में घुसने की कोशिश कर रहा था तभी पाक अथॉरिटीज ने उसे पकड़ लिया. उसने बताया कि वो बलूचिस्तान के अलगाववादियों के साथ मीटिंग करने और उन्हें भारतीय एजेंसियों के संदेश पहुंचाने के लिए पाकिस्तान आ रहा था. इस वीडियो में कुलभूषण खुद को रॉ का जासूस बता रहा है लेकिन पाक एजेंसियों की जमकर तारीफ कर रहा है कि उन्होंने उसके साथ बहुत अच्छा व्यवहार किया और उसके साथ बर्ताव में उसे उचित सम्मान दिया.

सरताज अजीज ने माना था, जाधव के खिलाफ सबूत नहीं
दिसंबर में ही खबर आई थी कि पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने एक मीटिंग में माना था कि कुलभूषण जाधव के खिलाफ पाक सरकार और एजेंसियों के पास पुख्ता सबूत नहीं हैं. पाकिस्तानी टीवी चैनल जिओ न्यूज ने खबर दी थी कि अजीज ने सीनेट चैंबर में सांसदों को ब्रीफ करते हुए साफ कहा कि जाधव ने कबूलनामे के अलावा उसके खिलाफ हमारे पास कोई पुख्ता सबूत नहीं है. अजीज ने ये भी कहा था कि भारत को दिए जाने वाले डोजियर में जो सबूत हमने रखे हैं, वो काफी नहीं हैं. अब एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि वो जाधव के खिलाफ सबूत जुटाने में कितना वक्त लगाती हैं.

कबूलनामे पर उठ चुके हैं सवाल
पाक ने जाधव के कबूलनामे का जो वीडियो जारी किया है उसपर भी एक्सपर्ट्स ने सवाल उठाए हैं. तकरीबन छह मिनट के इस वीडियो में कई कट हैं. वीडियो को देखकर कई जगह ऐसा लगता है कि कुलभूषण अपनी मर्जी से कुछ बोलने की बजाय सामने टेलीप्रिंटर पर लिखा कुछ पढ़ रहा है. इसीलिए कुलभूषण का वो वीडियो कबूलनामा नहीं बल्कि दबाव डालकर दिलवाया गया बयान ज्यादा साबित हुआ है. हालांकि पाक इस मुद्दे पर कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है. भारत ने कई बार पाकिस्तान से कुलभूषण से मिलने देने की अपील की है लेकिन पाकिस्तान ने इसकी इजाजत भारतीय एजेंसियों को नहीं दी.

नेवी में था कुलभूषण, मुंबई में रहने की बात सही
भारत ने कुलभूषण जाधव के भारतीय नागरिक होने या फिर नेवी में नौकरी करने पर कोई सवाल नहीं उठाया लेकिन उसका कहना है कि जाधव नेवी की नौकरी छोड़ने के बाद ईरान में अपना बिजनेस शुरू कर चुका है जिसके उसके पास वैध दस्तावेज हैं. कुलभूषण जाधव ने वीडियो में खुद को मुंबई का निवासी बताया था. बताया जाता है कि उसे 2014 में ही एक पासपोर्ट मुंबई के ठाणे से इश्यू हुआ था. जिसमें ओल्ड मुंबई-पुणे रोड का एक पता दर्ज है. बताया जाता है कि यहां के एक कॉप्लेक्स के जिस फ्लैट में जाधव रहता था वो उसकी मां के नाम रजिस्टर्ड है.

शनिवार, 8 अप्रैल 2017

3:00:00 pm

अमेरिका में एक और भारतीय की हत्या, नकाबपोश बदमाशों ने गोली मारी


12:19:00 pm

व्हाट्सऐप से बिलों का भुगतान! जल्द आ सकता है यह फ़ीचर



व्हाट्सऐप की वेबसाइट पर नौकरी के लिए दिए गए विज्ञापन में कहा गया है कि कंपनी एक टेक्नीकल और फाइनेंशिल पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार की तलाश में है, जो कि भारत के यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) और भीम पेमेंट्स ऐप की समझ रखता हो। इन पेमेंट सर्विस से मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर पैसों का लेनदेन किया जाता है। भारत के लिए कंपनी को अपने डिजिटल ट्रांज़ेक्शन लीड की जरूरत है।
व्हाट्सऐप के प्रवक्ता ने एक फ्लैगशिप सरकारी प्रोग्राम के बारे में कहा कि देश में इंटरनेट आधारित सेवाओं को बढ़ावा देना उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि, ''व्हाट्सऐप के लिए भारत एक महत्वपूर्ण देश है और हम यह समझ रहे हैं कि हम डिजिटल इंडिया को बनाने में किस तरह अपना योगदान दे सकते हैं।'' प्रवक्ता ने ज़्यादा जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा, ''हम इस परिकल्पना को साकार बनाने के लिए ऐसे ही उद्देश्य वाली कंपनियों के साथ काम कर सकते हैं और हम अपने यूज़र से भी लगातार फीडबैक ले रहे हैं।''
12:18:00 pm

सैमसंग गैलेक्सी एस8, गैलेक्सी एस8+ की नई लीक तस्वीर से डिज़ाइन का हुआ खुलासा


सैमसंग गैलेक्सी एस8 और गैलेक्सी एस8 की नई लीक तस्वीरों में इनकी तुलना की गई है। इस तस्वीर को स्लैशलीक्स पर एक यूज़र ने पोस्ट किया। इसमें गैलेक्सी एस8 और गैलेक्सी एस8+ के ब्लैक कलर वेरिएंट को देखा जा सकता है। पिछली लीक के के अनुसार, आने वाले सैमसंग गैलेक्सी एस8 में 1440x2960 पिक्सल स्क्रीन रिज़ॉल्यूशन वाला स्क्रीन है जो 18:9 के रेशियो में होगा। सैमसंग गैलेक्सी एस8 में 5.8 इंच स्क्रीन जबकि गैलेक्सी एस8+ में 6.2 इंच स्क्रीन दिया जा सकता है। हाल ही में, यूएसपीटीओ पर देखे गए एक ट्रेडमार्क के खुलासे से पता चला था कि सैमसंग अपने नए स्क्रीन को 'इनफिनिटी डिस्प्ले' नाम दे सकती है। 'इनफिनिटी डिस्प्ले' में सैमसंग का फुलविज़न डिस्प्ले टेक्नोलॉजी होगी जिसे सबसे पहले एलजी ने अपने नए एलजी जी6 में दिया। गैलेक्सी एस8 की लीक तस्वीरों में हैंडसेट पर सबसे लंबे और पतले डिस्प्ले होने का दावा किया गया था।
नई  लीक तस्वीर में ऊपर की तरफ दो सिम कार्ड या एक माइक्रोएसडी कार्ड स्लॉट दिख रहा है। जबकि नीचे की तरफ पैनल पर एक यूएसबी टाइप-सी पोर्ट के साथ स्पीकर ग्रिल और 3.5 एमएम ऑडियो जैक देखा जा सकता है। नई लीक तस्वीरों में एक आइरिस स्कैनर भी दिख रहा है। और ऐसा लगता है कि सैमसंग गैलेक्सी एस8 और गैलेक्सी एस8+ दोनों ही बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के साथ आएंगे।
12:17:00 pm

असूस ज़ेनबुक यूएक्स अल्ट्रा-पोर्टेबल लैपटॉप लॉन्च, कीमत 76,990 रुपये


असूस ने मंगलवार को अपना ज़ेनबुक यूएक्स330 लैपटॉप भारत में लॉन्च कर दिया। इस लैपटॉप की कीमत 76,990 रुपये है। नए ज़ेनबुक लैपटॉप को 13.3 इंच क्लैमशेल के साथ दुनिया के सबसे पतले और हल्के नोटबुक में शुमार होने का दावा किया गया है। यह लैपटॉप 21 मार्च से देशभर के ऑनलाइन रिटेलर और चैनल पार्टनर के पास बिक्री के लिए उपलब्ध है। यह लैपटॉप रोज़ गोल्ड और क्वार्ट्ज़ ग्रे कलर वेरिएंट में आता है।
ज़ेनबुक यूएक्स330 लैपटॉप एक फुल बॉडी एल्युमिनियम डिज़ाइन का बना है। इसका वज़न 1.2 किलोग्राम और मोटाई 13.5 मिलीमीटर है। इस लैपटॉप में हाई रिज़ॉल्यूशन वाला 13.3 इंच क्वाडएचडी+ (3200x1800 पिक्सल) डिस्प्ले है, जो कंपनी की 'स्प्लेंडिड डिस्प्ले टेक्नोलॉजी' से लैस है। इस लैपटॉप में सातवीं जेनरेशन इंटेल कोर (आई7-7500/आई5-7200) प्रोसेसर और 8 जीबी रैम है। इस लैपटॉप में एक बैकलिट कीबोर्ड है और कंपनी का दावा है कि लैपटॉप में 12 घंटे तक की बैटरी लाइफ मिलेगी।
12:14:00 pm

आईपैड (2017) की प्री-ऑर्डर बुकिंग भारत में आज होगी शुरू, फ्लिपकार्ट ने दी जानकारी


नए 9.7 इंच आईपैड का 32 जीबी वाई-फाई+ सेल्युलर वेरिएंट 39,900 रुपये में मिलेगा। खबर लिखे के जाने तक इस प्रोडक्ट के प्री-ऑर्डर पेज को लाइव नहीं किया गया था। गैजेट्स 360 ने आपको पहले ही जानकारी दी थी कि नए आईपैड (2017) का 128 जीबी वाई-फाई और वाई-फाई + सेल्युलर मॉडल क्रमशः 36,900 और 47,900 रुपये में मिलेगा। नए आईपैड के स्मार्ट कवर की कीमत 3,500 रुपये है।
आईपैड एयर 2  की तुलना में आईपैड (2017) में ज्यादा बड़ा स्क्रीन और ऐप्पल ए9 चिप दिया गया है। ऐप्पल के वर्ल्डवाइड मार्केटिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट फिलिप शिलर ने कहा, ''आईपैड दुनिया का सबसे लोकप्रिय टैबलेट है। ग्राहकों को बड़ा डिस्प्ले पसंद है, 9.7 इंच डिस्प्ले के साथ मूवी और टीवी देखने के अलावा, वेब सर्फिंग, फेसटाइम कॉलिंग और तस्वीरों का मज़ा लिया जा सकता है। और अब यह ज्यादा किफ़ायती है।'' उन्होंन आगे कहा, ''नए ग्राहक या कोई भी जो अपग्रेड करने की सोच रहा है, उसे घर, स्कूल या ऑफिस में इस्तेमाल करने के लिए नया आईपैड पसंद आएगा। इसमें रेटिना डिस्प्ले, दमदार ए9 चिप और 1.3 मिलियन से ज्यादा ऐप के लिए एक्सेस मिलेगा।''
12:03:00 pm

Remember Dr. Jaikaal From Shaktiman? Here's What He Did After The Show

8:36:00 am

जब ड्रीम गर्ल हेमा से मिले अटल तो हुआ ये के आप सोच भी नहीं सकते |

हेमामालिनी ने गुरुवार को यहां पार्टी के स्थापना दिवस समारोह में बताया, ‘मुझे राजनीति में, वह भी खास तौर पर भाजपा में लाने का श्रेय एक प्रकार से मेरे पूर्व सहकर्मी अभिनेता एवं गुरूदासपुर से सांसद रहे विनोद खन्ना को जाता है, क्योंकि 1999 में गुरुदासपुर से दूसरी बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे खन्ना ने अपने यहां प्रचार के लिए बुलाया था’।

भाजपा सांसद ने बताया, ‘…उसके बाद तो भाजपा के प्रचार में अक्सर जाने लगी। 2003 में उन्होंने राज्यसभा सदस्य बनाकर एक बड़ी जिम्मेदारी भी दे दी’। उन्होंने बताया, ‘मुझे याद है एक बार मैंने पदाधिकारियों से कहा कि मैं भाषणों में अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र करती हूं.. लेकिन उनसे कभी मिली नहीं, मिलवाइए। तब वो मुझे उनसे मिलाने ले गए, लेकिन मैंने महसूस किया कि अटल बिहारी वाजपेयी बात करने में कुछ हिचकिचा रहे हैं’। इस पर मैंने वहां मौजूद एक महिला से पूछा, क्या बात है। अटल जी, ठीक से बात क्यों नहीं कर रहे।
उन्होंने बताया, ‘इसके बाद तो मैं गुजरात में नरेंद्र मोदी के लिए तो छत्तीसगढ़ में डॉ. रमण सिंह के लिए, जहां भी पार्टी ने बुलाया प्रचार के लिए जाती रही। परिणाम भी अच्छे ही रहे। संयोग ही था कि सभी जगह भाजपा जीतती गई। लेकिन अफसोस है बिहार में ऐसा न हो सका’। उन्होंने कहा, ‘कोई बात नहीं अब यूपी में जीते हैं। अन्य जगह भी भाजपा की सरकार बन रही है। कार्यकर्ताओं ने बहुत अच्छा काम किया है। उन्हें बधाई’। 
loading...